छोटे व्यापारी अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव, आसान ऋण और सरल GST से एमएसएमई को मिलेगा नया बल: सुप्रिया ऐरन
बरेली की वरिष्ठ नेत्री सुप्रिया ऐरन ने व्यापारियों के हितों की वकालत करते हुए कहा कि छोटे कारोबारी देश की अर्थव्यवस्था के स्तंभ हैं। उन्हें आसान ऋण, सरल जीएसटी और ई-कॉमर्स में समान अवसर मिलने चाहिए।
छोटे व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव, मिले आसान ऋण और सरल जीएसटी का लाभ
स्थानीय बाजारों के संरक्षण, आधुनिक सुविधाओं और ई-कॉमर्स में समान अवसर की वकालत, एमएसएमई को प्रोत्साहन से बढ़ेगा रोजगार
जनवार्ता लाइव
बरेली।
देश के आर्थिक विकास में छोटे व्यापारियों, एमएसएमई (MSME) सेक्टर और पारंपरिक उद्योगों के अभूतपूर्व योगदान को रेखांकित करते हुए व्यापारी हितों और स्थानीय उद्योगों के संरक्षण पर विशेष बल दिया गया है। देश की प्रगति का पहिया घुमाने वाले छोटे व्यापारी महज करदाता नहीं हैं, बल्कि वे देश की अर्थव्यवस्था की सबसे मजबूत नींव हैं।
व्यापारिक गतिविधियों को और अधिक सुचारू व सशक्त बनाने के लिए आवश्यक है कि छोटे कारोबारियों को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जाए, जीएसटी (GST) व्यवस्था को बेहद सरल बनाया जाए और उन्हें अनावश्यक प्रशासनिक कार्रवाई व कागजी जटिलताओं से राहत मिले। इसके साथ ही, स्थानीय बाजारों और पारंपरिक कुटीर उद्योगों को विशेष संरक्षण और प्रोत्साहन देकर देशज शिल्प व व्यापार को नई मजबूती दी जा सकती है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन व्यापार के संतुलन के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर सभी व्यापारियों को समान अवसर (Level Playing Field) मिलना बेहद जरूरी है। इसके अतिरिक्त सरकारी खरीद (Government Procurement) में स्थानीय उद्योगों को प्राथमिकता देने से न केवल स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे व्यापक स्तर पर नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। व्यापारिक स्थलों और बाजारों में बेहतर पार्किंग, स्वच्छता, सुरक्षा और आधुनिक नागरिक सुविधाओं का विकास कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
हमारे छोटे व्यापारी, एमएसएमई और स्थानीय कारोबारी केवल टैक्स देने वाले नागरिक नहीं हैं, बल्कि वे देश की अर्थव्यवस्था के सच्चे संवाहक और रीढ़ की हड्डी हैं। यदि हम उन्हें सरल जीएसटी प्रक्रिया, सुलभ बैंक ऋण, ई-कॉमर्स के दौर में समान प्रतिस्पर्धात्मक अवसर और बाजारों में सुरक्षा व बुनियादी सुविधाएं प्रदान करते हैं, तो इससे न केवल स्थानीय व्यापार फलेगा-फूलेगा, बल्कि रोजगार के अनगिनत नए अवसर भी पैदा होंगे। स्थानीय उद्योगों का संरक्षण ही समृद्ध भारत का मार्ग प्रशस्त करेगा।"
— सुप्रिया ऐरन, पूर्व महापौर एवं वरिष्ठ नेत्री, बरेली