98 एफआईआर, 75 हजार का इनामी भगोड़ा... कैनबिज महाघोटाले में बरेली पुलिस का बड़ा एक्शन, कोर ग्रुप के 2 'मास्टरमाइंड' अरेस्ट!

बरेली पुलिस ने कैनबिज इंडस्ट्रीज के 98 मुकदमों में वांछित हिस्ट्रीशीटर कन्हैया गुलाटी के कोर ग्रुप के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद साइबर टीम ने सर्विलेंस की मदद से यह बड़ी सफलता हासिल की।

98 एफआईआर, 75 हजार का इनामी भगोड़ा... कैनबिज महाघोटाले में बरेली पुलिस का बड़ा एक्शन, कोर ग्रुप के 2 'मास्टरमाइंड' अरेस्ट!
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98 मुकदमों का आरोपी, 75 हजार का इनाम... कैनबिज महाघोटाले के कोर ग्रुप के 2 'मास्टरमाइंड' गिरफ्तार, वायरल वीडियो से खुला राज

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बरेली।

करोड़ों रुपये के निवेश का लालच देकर हजारों लोगों को चपत लगाने वाली 'कैनबिज इण्डस्ट्रीज लिमिटिड' के महाघोटाले में बरेली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की सर्विलेंस सेल और साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे मुख्य आरोपी कन्हैया गुलाटी के 'कोर ग्रुप' के दो शातिर अभियुक्तों—विशाल शर्मा और विनय श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है।  

इन दोनों अभियुक्तों को फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के रहपुरा अंडरपास से दबोचा गया।  

98 FIR और 75 हजार का इनामी है कन्हैया गुलाटी

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, कैनबिज इण्डस्ट्रीज का सीईओ कन्हैया गुलाटी (निवासी 30बी शाहदाना कालोनी, थाना बारादरी) जनपद बरेली का हिस्ट्रीशीटर (एचएस नं. 18 बी) है। उस पर और उसके साथियों पर नवंबर 2025 से अब तक धोखाधड़ी के कुल 98 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।  

बरेली: 93 एफआईआर  

बदायूँ: 03 एफआईआर  

अंबेडकरनगर व बस्ती: 01-01 एफआईआर  

अन्य राज्य: बिहार और झारखंड में भी मामले दर्ज  

आरोपी की गिरफ्तारी पर एसएसपी स्तर से 25,000 रुपये और डीआईजी स्तर से 50,000 रुपये (कुल 75,000 रुपये) का नकद पुरस्कार घोषित है। इसके खिलाफ न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुका है।  

वायरल वीडियो ने बिछाया गिरफ्तारी का जाल

13 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। छानबीन में पता चला कि वीडियो में दिख रहे दो चेहरे कन्हैया गुलाटी के बेहद करीबी और कंपनी के 44 सदस्यीय 'कोर ग्रुप' का हिस्सा हैं:  

विशाल शर्मा: (निवासी इज्जतनगर, बरेली) - इसने लोगों के लगभग 80 लाख रुपये निवेश कराए थे। यह इज्जतनगर व साइबर थाने में पहले से वांछित था।  

विनय श्रीवास्तव: (निवासी गोरखपुर) - इसने लोगों के लगभग 60 लाख रुपये निवेश कराए थे।  

पूछताछ में उगला सच: दबाव बनाने को बनाया था फर्जी वीडियो

पुलिस की सर्विलेंस और साइबर टीम ने लोकेशन ट्रेस कर दोनों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि वायरल वीडियो कई महीने पुराना है। उन्होंने कन्हैया गुलाटी पर दबाव बनाकर अपना फंसा हुआ पैसा वसूलने के लिए झूठे दावे करते हुए वीडियो बनाया था, जिसे उनके ही किसी साथी ने सोशल मीडिया पर लीक कर दिया।  

पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और जल्द ही उन्हें न्यायालय में रिमांड के लिए पेश किया जाएगा। मुख्य आरोपी कन्हैया गुलाटी की तलाश में दबिश जारी है।