मीटिंग में जूते से मारा, रात में महिला शिक्षकों को फोन...': दागी BEO की वापसी की चर्चा से भड़के बरेली के शिक्षक, DM को भेजी शिकायत

बरेली के आलमपुर जाफराबाद में पूर्व विवादित खंड शिक्षा अधिकारी की फिर से तैनाती की चर्चाओं ने तूल पकड़ लिया है। शिक्षकों ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर शोषण, अवैध वसूली और गंभीर बदसलूकी के आरोप लगाते हुए इस तबादले को रोकने की मांग की है।

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बरेली।

बरेली। बेसिक शिक्षा विभाग में तबादलों की सुगबुगाहट के बीच एक बेहद सनसनीखेज और तीखा मामला सामने आया है। विकास क्षेत्र आलमपुर जाफराबाद के शिक्षकों ने पूर्व में तैनात रहे एक खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) की संभावित वापसी के विरोध में सीधे मोर्चा खोल दिया है। शिक्षकों ने जिलाधिकारी (DM) बरेली को शिकायती पत्र भेजकर साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 'दागी और भ्रष्टाचारी' अधिकारी को दोबारा उनके ब्लॉक में भेजा गया, तो शिक्षा का माहौल पूरी तरह तबाह हो जाएगा।

'मीटिंग में जूते से पीटा, महिला शिक्षकों को रात में फोन!'

शिक्षकों द्वारा जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में पूर्व BEO पर अत्यंत संगीन आरोप लगाए गए हैं। पत्र के मुताबिक:

जूते से पिटाई और जलालत: आरोप है कि उक्त अधिकारी ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान एक मीटिंग के भीतर एक शिक्षक को जूते से तक मार दिया था। आए दिन शिक्षकों को बैठकों में बेइज्जत करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा बन चुका था।

महिला शिक्षकों का उत्पीड़न: पत्र में बेहद गंभीर दावा किया गया है कि अधिकारी देर रात महिला शिक्षकों को फोन करके मानसिक रूप से परेशान करते थे।

उगाही और शोषण: उनके लगभग 4 साल के कार्यकाल में शिक्षकों से अवैध वसूली और उत्पीड़न की ढेरों शिकायतें सामने आई थीं। शिक्षकों का दावा है कि इस संबंध में तत्कालीन समाचार पत्रों की कतरनें और बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) द्वारा दी गई प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) भी साक्ष्य के तौर पर संलग्न है।

वर्तमान BEO के समर्थन में उतरे शिक्षक

शिक्षकों का कहना है कि आलमपुर जाफराबाद में वर्तमान में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी सतीश कुमार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ निरंतर अभियान छेड़ रखा है और ब्लॉक में पारदर्शिता कायम की है। ऐसे में किसी बेदाग अधिकारी की जगह एक विवादित छवि वाले अधिकारी को दोबारा कमान सौंपना समझ से परे है।

शिक्षकों ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई है कि वर्तमान BEO को ही पद पर यथावत रहने दिया जाए या फिर किसी स्वच्छ छवि वाले अधिकारी की तैनाती की जाए, ताकि ब्लॉक में शैक्षणिक गुणवत्ता और सम्मानजनक माहौल बना रहे।