मोरल पुलिसिंग से छात्रा की मौत के बाद भड़का गुस्सा: पत्रकारों को धमकी देने पर घिरा निर्दोष राठौर, 'जिला बदर' करने की उठी मांग
बरेली में मोरल पुलिसिंग के नाम पर वीडियो बनाकर छात्रा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोपी निर्दोष राठौर अब पत्रकारों को धमकी देकर बुरे फंसा है। AIPJA ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर आरोपी को जिला बदर करने की मांग की है।
जनवार्ता लाइव
बरेली।
जिले में मोरल पुलिसिंग और उसके बाद छात्रा की दर्दनाक आत्महत्या के मामले ने अब एक नया और बड़ा मोड़ ले लिया है। मुख्य आरोपी निर्दोष राठौर की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। छात्रा की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब बरेली के पत्रकार भी उसके खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। आरोप है कि खबरें चलाए जाने से बौखलाए निर्दोष राठौर ने सोशल मीडिया पर पत्रकारों को खुलेआम धमकियां दीं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
इस घटना के बाद ऑल इंडिया प्रेस जर्नलिस्ट एसोसिएशन (AIPJA) के नेतृत्व में पत्रकारों ने जिलाधिकारी (DM) को ज्ञापन सौंपकर आरोपी निर्दोष राठौर पर 'जिला बदर' की कठोर कार्रवाई करने और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है।
आइए जानते हैं क्या है यह पूरा मामला और कैसे एक वीडियो ने एक मासूम की जान लेने के बाद अब पूरे शहर का माहौल गरमा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मामला बरेली के एक रेस्टोरेंट का है, जहां निर्दोष राठौर नामक व्यक्ति ने मोरल पुलिसिंग के नाम पर एक छात्रा और उसके साथ मौजूद युवकों का जबरन वीडियो बना लिया। इतना ही नहीं, उस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया गया।
वीडियो वायरल होने के बाद छात्रा गहरे मानसिक और सामाजिक आघात में चली गई। लोक-लाज और मान-सम्मान के डर से मजबूर होकर छात्रा ने अंततः आत्महत्या कर ली। इस दुखद घटना के बाद छात्रा के भाई की तहरीर पर पुलिस ने निर्दोष राठौर और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
खबरें चलने पर बौखलाहट: पत्रकारों को दी धमकी
जब इस संवेदनहीन कृत्य और छात्रा की आत्महत्या की खबर को समाचार पत्रों और न्यूज़ चैनलों ने प्रमुखता से उठाया, तो आरोपी निर्दोष राठौर की बौखलाहट सामने आ गई। उसने लगभग सभी प्रमुख अखबारों और न्यूज़ चैनलों के पत्रकारों को निशाना बनाते हुए सोशल मीडिया पर अमर्यादित और धमकी भरे वीडियो जारी कर दिए। आरोप है कि इन पोस्टों के जरिए पत्रकारों पर खबरें हटाने का दबाव बनाया जा रहा था और उन्हें डराया-धमकाया जा रहा था।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला, जिला बदर की मांग
पत्रकारों के खिलाफ इस अमर्यादित व्यवहार के विरोध में AIPJA के जिलाध्यक्ष अरविंदर सिंह मिक्की के नेतृत्व में पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। पत्रकारों ने स्पष्ट कहा कि:
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर इस तरह का हमला किसी भी सभ्य समाज में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सच उजागर करने वाले पत्रकारों को डराना-धमकाना कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती देना है।
यदि ऐसे असामाजिक तत्वों पर समय रहते नकेल नहीं कसी गई, तो समाज में गलत संदेश जाएगा और अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा।
पत्रकार संगठनों ने प्रशासन से दो टूक मांग की है कि आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और मौजूदा तथ्यों के आधार पर उस पर जिला बदर (City Banishment) की कार्रवाई की जाए और कठोर कानूनी शिकंजा कसा जाए।