अधिकारी बने 'अपनत्व की मिसाल': बरेली में BEO विवेक शर्मा और सतीश वर्मा के तबादले पर भावुक हुए शिक्षक, कार्यशैली की हर तरफ चर्चा
बरेली में खंड शिक्षा अधिकारियों के तबादले के बीच BEO विवेक शर्मा और सतीश कुमार वर्मा का कार्यकाल चर्चा में है। बिना प्रशासनिक रौब के ईमानदारी और अपनत्व से काम करने वाले इन दोनों अधिकारियों की विदाई पर शिक्षक भावुक नज़र आए।
कुर्सी से नहीं, व्यवहार से जीता दिल: बरेली में दो शिक्षा अधिकारियों की ऐसी विदाई, जिसकी मिसाल दे रहे शिक्षक
जनवार्ता लाइव
बरेली।
सरकारी विभागों में अधिकारियों के तबादले एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है, लेकिन कुछ अधिकारी अपनी अमिट छाप छोड़ जाते हैं। बरेली के शिक्षा विभाग में इन दिनों दो खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO)—विवेक शर्मा और सतीश कुमार वर्मा—के कार्यकाल की जमकर सराहना हो रही है। स्थानांतरण के बाद उनके जाने पर शिक्षकों की आँखें नम हो गईं और हर जुबां पर उनके काम करने के संवेदनशील अंदाज़ की चर्चा है।
अफसरशाही का रौब नहीं, परिवार जैसा अपनापन
विवेक शर्मा: भोजीपुरा के BEO पद पर रहते हुए नवाबगंज का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला। अब उन्हें आलमपुर जाफराबाद और मझगवां की नई ज़िम्मेदारी मिली है। उन्होंने विभागीय कर्तव्यों का पालन इतनी ईमानदारी और विनम्रता से किया कि शिक्षक उन्हें अधिकारी कम और मार्गदर्शक ज़्यादा मानते थे।
सतीश कुमार वर्मा: आलमपुर जाफराबाद में तैनात रहे सतीश वर्मा ने शिक्षकों को महज़ व्यवस्था का हिस्सा नहीं समझा, बल्कि शिक्षा की मुख्य ताकत मानकर पूरा सम्मान और विश्वास दिया। वे स्कूल के बच्चों को अपने बच्चों की तरह मानकर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में जुटे रहते थे।
नियम-कायदों के साथ इंसानियत की मिसाल
शिक्षकों का कहना है कि पद पर बैठकर सिर्फ आदेश देना आसान होता है, लेकिन दिलों में सम्मान कमाना बेहद कठिन। इन दोनों अधिकारियों ने अपनी कार्यशैली में ईमानदारी, ज़िम्मेदारी और इंसानियत का ऐसा तालमेल दिखाया कि उनका तबादला महज़ एक प्रशासनिक आदेश न रहकर शिक्षकों के लिए एक बेहद भावनात्मक पल बन गया।