क्रेडिट कार्ड की स्कीम हटेगी!" झांसे में लेकर साइबर ठगों ने उड़ाये 1.87 लाख रुपये, APK फाइल डाउनलोड करवाकर लगाया चूना

बरेली के बारादरी थाने में ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी की दर्ज हुई प्राथमिकी। शातिर ठगों ने APK ऐप डाउनलोड करवाकर पीड़ित के खाते और क्रेडिट कार्ड से ₹1.87 लाख से अधिक उड़ाए।

क्रेडिट कार्ड की स्कीम हटेगी!
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बरेली।

साइबर ठगों का जाल दिन-ब-दिन खतरनाक होता जा रहा है। अब झांसे में लेकर मोबाइल में संदिग्ध APK (एप्लिकेशन) फाइल डाउनलोड करवाकर सीधे बैंक खातों पर डाका डाला जा रहा है। ऐसा ही एक ताजा मामला बरेली के थाना बारादरी क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ एक पीड़ित के बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से साइबर अपराधियों ने करीब 1.87 लाख रुपये पार कर दिए।

अज्ञात नंबरों से आई कॉल और बिछाया जाल

बारादरी के सनराइज कॉलोनी निवासी आशीष कुमार सिंह (पुत्र श्री स्वतन्त्र कुमार सिंह) ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 26 जुलाई 2026 को उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबरों (8789869821 और 7062175637) से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को बैंक प्रतिनिधि बताते हुए क्रेडिट और डेबिट कार्ड के सिलसिले में बात की।

'क्रेडिट कार्ड स्कीम हटाने' का दिया झांसा

शातिर ठग ने पीड़ित को डराया कि उनके क्रेडिट कार्ड पर एक विशेष स्कीम लगी हुई है, जिसे अगर तुरंत नहीं हटाया गया तो हर महीने मोटी धनराशि कटती रहेगी। झांसे में लेकर आरोपी ने पीड़ित से एक APK फाइल डाउनलोड करवाई और मोबाइल में SBI CARD ऐप एवं YONO ऐप चलवाया।

खाते और क्रेडिट कार्ड से कटे ₹1,87,114.6

ऐप डाउनलोड होते ही ठगों ने पीड़ित के मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया।

बैंक खाते से: 5 ट्रांजैक्शन के जरिए ₹7,198-₹7,198 करके कुल ₹35,990 निकाल लिए गए।

क्रेडिट कार्ड से: 5 अलग-अलग ट्रांजैक्शन (₹3,599, ₹39,700, ₹38,850, ₹42,997.15 और ₹25,978.45) के जरिए कुल ₹1,51,124.6 की चपत लगा दी गई।

पीड़ित को जब ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने तुरंत टोल-फ्री नंबर पर संपर्क कर अपने कार्ड, YONO ऐप और UPI ID ब्लॉक करवाए और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच शुरू

पीड़ित आशीष कुमार सिंह की लिखित तहरीर पर थाना बारादरी में 29 जुलाई 2026 को FIR संख्या 0991/2026 दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने आरोपी अज्ञात मोबाइल धारकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) और सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम 2008 की धारा 66D के तहत मामला पंजीकृत किया है। मामले की विवेचना इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह को सौंपी गई है।