PWD में 'खास' मेहरबानी? तबादले के हफ्तों बाद भी नहीं मिली रवानगी, उठ रहे कई गंभीर सवाल
लोक निर्माण विभाग (PWD) बरेली में तबादला आदेश के बावजूद कनिष्ठ सहायक शिखर वसु की नई जगह रवानगी न होने पर उठे सवाल। जानिए क्या है पूरा मामला और क्या कहता है सरकारी आदेश।
जनवार्ता लाइव
बरेली। लोक निर्माण विभाग (PWD) बरेली क्षेत्र में जारी एक स्थानांतरण आदेश इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। मुख्य अभियंता कार्यालय से जारी आदेश के बाद भी एक कर्मचारी का पुरानी जगह पर डटे रहना विभागीय कार्यशैली और नियमों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रहा है।
30 मई को जारी हुआ था आदेश
कार्यालय मुख्य अभियंता, बरेली क्षेत्र द्वारा जारी पत्रांक 3663/14ई०सी०-उ०प्र०क्षेत्र/26 दिनांक 30/05/2026 के तहत समूह 'ग' के कर्मियों का स्थानांतरण किया गया था। इस तालिका में क्रम संख्या 4 पर दर्ज शिखर वसु (कनिष्ठ सहायक) का स्थानांतरण निर्माण खण्ड-1, बरेली से निर्माण खण्ड-1, शाहजहाँपुर किया गया था।
'एक सप्ताह' की सीमा, फिर भी रवानगी नहीं
मुख्य अभियंता कमला शंकर द्वारा जारी इस आदेश में स्पष्ट उल्लेख था कि "उपरोक्त आदेश तत्काल प्रभावी होंगे तथा सम्बन्धित कार्मिक को अधिकतम एक सप्ताह के अन्दर नवीन तैनाती स्थान पर योगदान हेतु कार्यमुक्त कर दिया जाये।" लेकिन आदेश जारी होने के काफी समय बीत जाने के बाद भी शिखर वसु का नई जगह कार्यभार न संभालना चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
विभागीय गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं
विभाग के कर्मचारियों के बीच यह मुद्दा गरमाया हुआ है। सवाल उठ रहे हैं कि जब शासन और मुख्य अभियंता स्तर से स्पष्ट आदेश जारी हो चुका है, तो आखिर कार्यमुक्ति में इतनी देरी क्यों? क्या यह केवल प्रशासनिक सुस्ती है या कर्मचारी पर कोई विशेष 'मेहरबानी' बरती जा रही है?
कर्मचारियों का मानना है कि नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए। यदि एक सप्ताह की तय सीमा के बाद भी आदेश का पालन नहीं होता, तो इससे विभागीय व्यवस्था और पारदर्शिता पर असर पड़ता है। फिलहाल, इस पूरे मामले पर विभाग का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है और सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।