बरेली क्लब में रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान मची भगदड़, भीषण गर्मी और अव्यवस्था से कई महिलाएं बेहोश, मची अफरा-तफरी
बरेली क्लब परिसर में आयोजित रक्षाबंधन समारोह के दौरान साड़ी वितरण के समय अचानक भगदड़ मच गई। भीषण गर्मी और घुटन के कारण दर्जन भर से ज्यादा महिलाएं और बच्चे अचेत हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जनवार्ता लाइव
बरेली।
रक्षाबंधन के पर्व से ठीक पहले बरेली क्लब परिसर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भारी अव्यवस्था और कुप्रबंधन का नजारा देखने को मिला। मेयर डॉ. उमेश गौतम और 'समर्पण' फाउंडेशन के अध्यक्ष पार्थ गौतम द्वारा आयोजित रक्षाबंधन समारोह के दौरान साड़ी वितरण के समय अचानक भगदड़ मच गई, जिससे कार्यक्रम स्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
न सुरक्षा, न वेंटिलेशन; भीड़ के कारण बिगड़े हालात
कार्यक्रम में हजारों की संख्या में महिलाओं और युवतियों की उपस्थिति दर्ज की गई थी। चश्मदीदों के मुताबिक, जैसे ही साड़ियों का वितरण शुरू हुआ, भीड़ अनियंत्रित हो गई। टेंट के नीचे भीषण गर्मी और घुटन (सफोकेशन) के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पर्याप्त वेंटिलेशन और हवा न मिलने तथा भीड़ के अत्यधिक दबाव के कारण महिलाएं और बच्चे बेहाल हो गए।
इसी आपाधापी में रेखा नाम की महिला सहित कई अन्य महिलाएं बेहोश होकर गिर पड़ीं। वहीं दर्जन भर से ज्यादा महिलाओं और बच्चों की हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल मिशन और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उपचारधीन महिलाओं का आरोप है कि वहां भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे।
मंच से पुकारे जाते रहे बच्चों के नाम
भगदड़ और अफरा-तफरी के बीच दर्जनों बच्चे अपनी माताओं से बिछड़ गए। मंच से लगातार गुमशुदा बच्चों के नाम पुकारे जा रहे थे, जिससे परिजनों की बेचैनी बढ़ती दिखी। आयोजकों पर आरोप है कि स्थिति बिगड़ने के बाद मौके पर भीड़ प्रबंधन के सही कदम समय रहते नहीं उठाए गए।
सड़कों पर लगा भीषण जाम
कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलने की होड़ और अव्यवस्था के कारण हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर आ गए, जिससे बरेली क्लब के आसपास के इलाके में लंबा जाम लग गया। सूचना मिलने पर सीओ प्रथम शिवम आशुतोष भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद यातायात व स्थिति को सामान्य कराया।
प्रशासनिक अनुमति पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। चर्चा है कि इतने बड़े आयोजन के लिए आवश्यक औपचारिक अनुमतियों और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन नहीं किया गया था। अब स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतने बड़े स्तर के आयोजन में सुरक्षा और प्राथमिक चिकित्सा के कड़े इंतजाम क्यों नहीं किए गए थे।