ICU का खेल, ₹41 हजार का 'टोल'! बहेड़ी से जबरन सनराइज अस्पताल लाए गए मरीज, छुट्टी मांगने पर बवाल

बरेली के पीलीभीत रोड स्थित विवादित सनराइज अस्पताल पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगे हैं। परिजनों का दावा है कि बहेड़ी से दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को जिला अस्पताल जाने के बावजूद जबरन एंबुलेंस से सनराइज अस्पताल लाया गया। सिर्फ फ्रैक्चर होने के बाद भी मरीज को ICU में भर्ती किया गया और महज एक घंटे बाद छुट्टी मांगने पर ₹41,000 की भारी-भरकम मांग की गई। मैनेजर सोहेल खान पर गाली-गलौज और धमकाने का आरोप है। जानिए क्या है पूरा मामला और क्यों उठे स्वास्थ्य विभाग पर सवाल।

ICU का खेल, ₹41 हजार का 'टोल'! बहेड़ी से जबरन सनराइज अस्पताल लाए गए मरीज, छुट्टी मांगने पर बवाल
जनवार्ता लाइव

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बरेली। पीलीभीत रोड स्थित सनराइज अस्पताल एक बार फिर विवादों के कटघरे में है। इस बार अस्पताल पर मरीजों को जबरन उठाकर लाने, गलत तरीके से ICU में भर्ती करने और छुट्टी मांगने के नाम पर मोटी रकम वसूलने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित परिवार ने इस संबंध में थाना इज्जतनगर में लिखित तहरीर देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

इच्छा के खिलाफ बहेड़ी से लाया गया अस्पताल

शिकायतकर्ता हरीश कुमार और उनके भाई सुनील कुमार के अनुसार, बहेड़ी में हुई एक दुर्घटना के बाद उनके बहन और बहनोई को प्राथमिक उपचार या जिला अस्पताल ले जाने के बजाय जबरदस्ती सनराइज अस्पताल की एंबुलेंस में लादकर यहां लाया गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि मरीज लगातार सरकारी या किसी अन्य अस्पताल जाने की बात कहते रहे, लेकिन एंबुलेंस वाले ने उनकी एक न सुनी।

मामूली फ्रैक्चर पर ICU भर्ती, 1 घंटे में ₹41,000 का बिल!

परिजनों का आरोप है कि चोटें गंभीर नहीं थीं और मुख्य रूप से केवल फ्रैक्चर था। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन ने मरीज को तुरंत ICU में भर्ती कर दिया। जब परिजनों ने स्थिति समझकर मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए छुट्टी (LAMA/Discharge) मांगी, तो उनसे कथित तौर पर ₹41,000 जमा कराने को कहा गया।

परिवार का कहना है कि वे पहले ही ₹6,400 नकद जमा कर चुके थे और दवाइयां भी अपने पैसों से खरीदी थीं। हद तो तब हो गई जब मेडिकल स्टोर से खरीदी गई कुछ दवाइयां वापस रखवा ली गईं और बिना अतिरिक्त भुगतान के मरीज को छोड़ने से साफ इनकार कर दिया गया।

मैनेजर सोहेल खान पर धमकाने का आरोप, स्वास्थ्य विभाग के दावों की खुली पोल

आरोप है कि अस्पताल के मैनेजर सोहेल खान ने परिजनों के साथ अभद्रता, गाली-गलौज की और उन्हें अंजाम भुगतने की धमकी दी। परिजनों ने दावा किया कि बहेड़ी व आसपास के इलाकों से दुर्घटना के शिकार मरीजों को सनराइज अस्पताल तक लाने के पीछे सोहेल खान से जुड़ा एक एंबुलेंस सिंडिकेट काम कर रहा है।

गौरतलब है कि पूर्व में आयुष्मान योजना में गड़बड़ी (~₹2.70 लाख) और मरीज उर्वेश की मौत के मामले में घिरीं डॉ. सबीना खान ने स्वास्थ्य विभाग को हलफनामा देकर दावा किया था कि सोहेल खान को अस्पताल से निकाल दिया गया है। लेकिन इस ताजा घटनाक्रम ने डॉक्टर के हलफनामे और स्वास्थ्य विभाग की ढिलाई दोनों की पोल खोलकर रख दी है।

अब सवाल यह उठता है कि क्या बरेली में हादसों का शिकार होने वाले मरीजों को खास अस्पतालों तक पहुंचाने और इलाज के नाम पर मनमाना बिल वसूलने का कोई संगठित खेल चल रहा है? पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही इस पूरे नेक्सस की सच्चाई सामने आ पाएगी।