सीएम योगी के बरेली दौरे पर हाईवोल्टेज ड्रामा: हिंदूवादी नेता सोनू ठाकुर हाउस अरेस्ट, मेयर और प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बरेली दौरे से पहले हिंदूवादी नेता सोनू ठाकुर को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। सोनू ठाकुर कान्हा गौशाला में कथित घोटाले और गौ रक्षकों पर फर्जी मुकदमों का मुद्दा सीएम के सामने उठाना चाहते थे।
जनवार्ता लाइव
बारेली।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बरेली आगमन के दौरान एक हाईवोल्टेज मामला सामने आया है। हिंदू संगठनों के मुद्दों और कान्हा गौशाला की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाने की तैयारी कर रहे हिंदूवादी नेता सोनू ठाकुर को सुभाष नगर थाना पुलिस ने उनके घर पर हाउस अरेस्ट कर लिया।
सोनू ठाकुर का आरोप है कि उन्हें सुभाष नगर स्थित गन्ना मिल के पास से हिरासत में लेकर घर पर नजरबंद किया गया। उनका कहना है कि जब प्रदेश के मुखिया बरेली आए थे, तो हिंदू कार्यकर्ताओं को अपनी समस्याएं और शिकायतें उनके सामने रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए था।
कान्हा गौशाला और वित्तीय अनियमितताओं का उठाया मुद्दा
सोनू ठाकुर ने बरेली के मेयर उमेश गौतम पर सीधा निशाना साधते हुए कान्हा गौशाला की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि गौशाला के संचालन में लाखों रुपये का कथित घोटाला हुआ है, जिसकी वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग करना चाहते थे। हालांकि, इन वित्तीय अनियमितताओं और घोटालों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट या दस्तावेज सामने नहीं आए हैं, इसलिए इस मामले में प्रशासन और संबंधित पक्ष का जवाब आना भी बाकी है।
गौ रक्षकों पर फर्जी मुकदमों का आरोप
सोनू ठाकुर का यह भी कहना है कि बरेली में लगातार गौ रक्षकों और हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित तौर पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। वह इन सभी मामलों की समीक्षा कराने और निर्दोष कार्यकर्ताओं को न्याय दिलाने की आवाज सीएम योगी के दरबार में उठाना चाहते थे।
उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी संगठन या कार्यकर्ता को कोई शिकायत है, तो उसे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात प्रदेश के मुख्यमंत्री तक पहुंचाने से क्यों रोका जा रहा है?
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
मुख्यमंत्री के दौरे के ठीक पहले हुई इस कार्रवाई ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारियों की तरफ से इस हाउस अरेस्ट के पीछे के कारणों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखने यह होगा कि प्रशासन इन गंभीà¤