स्टेशन पर लगा कचरे का सही 'हिसाब': इज्जतनगर मंडल ने पीलीभीत में रेल जनसंवाद से दिया 'चार डस्टबिन' का मंत्र

पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल में विशेष अभियान 6.0 के तहत पीलीभीत स्टेशन पर रेल जनसंवाद आयोजित हुआ। यात्रियों को कचरा पृथक्करण और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।

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बरेली।

रेलवे स्टेशनों को सिर्फ सफर का जरिया नहीं, बल्कि स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल जगह बनाने के उद्देश्य से पूर्वोत्तर रेलवे (NER), इज्जतनगर मंडल में 'विशेष अभियान 6.0' के तहत जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में 19 अक्टूबर को पीलीभीत रेलवे स्टेशन पर 'रेल जनसंवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान मंडल द्वारा नामित अधिकारी ने सीधे यात्रियों से संवाद किया और उन्हें कचरा प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीके समझाए। उन्होंने बताया कि स्टेशन को साफ-सुथरा रखने के लिए कचरे को अलग-अलग श्रेणी में छांटकर सही डस्टबिन में डालना कितना आवश्यक है।

चार डस्टबिन का मंत्र: कौन-सा कचरा कहाँ डालें?

जनसंवाद में यात्रियों को जागरूक किया गया कि स्टेशन परिसर में चार अलग-अलग रंगों/प्रकारों के डस्टबिन रखे गए हैं:

गीला कचरा: बचा हुआ खाना, फल-सब्जियों के छिलके आदि।

सूखा कचरा: प्लास्टिक बोतलें, कागज, रैपर और पन्नी।

सैनिटरी वेस्ट: इस्तेमाल किए गए टिशू, पैड आदि।

विशेष कचरा: कांच या अन्य विशेष प्रकार की सामग्री।

नामित अधिकारी ने अपील की कि यात्री हर प्रकार के कचरे को सिर्फ उससे संबंधित डस्टबिन में ही डालें, ताकि रेलवे प्रशासन कचरे का वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल निस्तारण कर सके।

जन उद्घोषणा प्रणाली से दी जा रही सीख

स्टेशनों पर सिर्फ पोस्टरों या भाषणों से ही नहीं, बल्कि पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम (PAS) का भी प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है। ट्रेन की जानकारी के साथ-साथ स्वच्छता से जुड़े संदेश और प्रेरणादायक स्लोगन लगातार प्रसारित किए जा रहे हैं, ताकि यात्रियों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना जागृत हो।

सामूहिक सहयोग से ही बदलेगी सूरत

इज्जतनगर मंडल के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) ने यात्रियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि प्लेटफॉर्म पर इधर-उधर कचरा फेंकने के बजाय निर्धारित डस्टबिन का प्रयोग करें। यात्रियों के सामूहिक प्रयास और नागरिक कर्तव्य से ही रेलवे स्टेशनों को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकता है।