कुंजापुरी मेला विवाद: सीएम धामी ने संभाला मोर्चा, कहा- दलेर मेहंदी और मीका से खुद बात करूंगा, तूल न दें
उत्तराखंड के नरेंद्रनगर कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी के लाइव कार्यक्रम विवाद पर सीएम पुष्कर सिंह धामी का बयान सामने आया है। सीएम ने कहा कि वह कलाकारों से खुद बात करेंगे और मामले को तूल न देने की अपील की है।
कुंजापुरी मेले का 'डीजे विवाद': जब मंत्री जी ने लाइव सुनने की जिद की और धामी जी को करनी पड़ी 'डैमेज कंट्रोल' की बाजीगरी!
जनवार्ता लाइव
देहरादून।
उत्तराखंड के देवतुल्य माहौल में आजकल एक ही चर्चा सबसे ऊपर है—नरेंद्रनगर के सिद्धपीठ मां कुंजापुरी मेले में पंजाबी पॉप के बादशाह दलेर मेहंदी का वह 'ऐतिहासिक' कंसर्ट, जहां सुरों से ज्यादा ठुमकों और 'बैकग्राउंड ट्रैक' ने शोर मचा दिया। मामला ऐसा गर्माया कि कलाकारों और सरकार के बीच की ट्यूनिंग ही हिल गई, लेकिन सूबे के मुखिया ने बीच में आकर ऐसा शानदार सुर पकड़ा कि पूरा विवाद ही 'टन टना टन' हो गया!
जब जनता बोली— "पाजी, ओरिजिनल मंगाओ!"
मेले का माहौल एकदम चकाचक था। दर्शक दलेर मेहंदी की एक झलक पाने और उनकी गूंजती आवाज पर थिरकने के लिए बेताब बैठे थे। मंच सजा, पाजी ने माइक थामा, लेकिन जैसे ही आवाज रिकॉर्डेड ट्रैक के सहारे निकली, जनता का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। पब्लिक का मूड देखकर हमारे ऊर्जावान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल जी से रहा न गया।
मंत्री जी सीधे मंच पर जा पहुंचे और माइक संभालते हुए ऐसा तंज कसा कि पाजी के सुर भी कांप उठे। मंत्री जी ने दो टूक कह दिया— “पाजी, यहां जनता आपको लाइव सुनने आई है, कोई कैसेट या पेनड्राइव सुनने नहीं!” बस फिर क्या था, बात संगीत से निकलकर सीधी मान-सम्मान की जंग बन गई। भाई मीका सिंह भी मैदान में कूद पड़े और मनोरंजन जगत के तमाम सितारे भी अपने पाजी के समर्थन में खड़े हो गए।
सीएम धामी की एंट्री: "अरे छोड़ो यार, हमारे दोस्त हैं दोनों!"
जब विवाद तूल पकड़ने लगा और लगने लगा कि अब तो दिल्ली-मुंबई तक गूंज जाएगी, तब मैदान में उतरे 'मास्टर ब्लास्टर' मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। दून में मीडिया ने जब सीएम साहब को घेरा, तो उन्होंने अपने चिर-परिचित शांत अंदाज में ऐसा गजब का संतुलन बिठाया कि मंत्री जी की खिंचाई भी हो गई और पाजी का दिल भी रख लिया गया।
सीएम धामी ने बड़े ही बड़प्पन के साथ हंसते हुए कहा:
"अरे भई, सुबोध जी अपना पक्ष पहले ही रख चुके हैं। अब इस बात का रायता फैलाने की कोई जरूरत नहीं है!"
मुख्यमंत्री ने आगे चुटकी लेते हुए यह भी साफ कर दिया कि, "शायद उस वक्त जनता का दबाव कुछ ज्यादा ही रहा होगा, तभी मंत्री जी से 'लाइव' का ऐसा भूत सवार हो गया।"
दलेर पाजी और मीका को अब खुद फोन घुमाएंगे सीएम!
बड़प्पन दिखाते हुए सीएम धामी ने यह भी ऐलान कर दिया कि उत्तराखंड कलाकारों का सम्मान करने वाली पावन भूमि है, इसलिए इस छोटे से ड्रामे को यहीं दफना देना चाहिए। इतना ही नहीं, उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मामला सुलझाने का बीड़ा उठाते हुए कहा— "मेरी दलेर मेहंदी और उनके भाई मीका सिंह दोनों से पक्की यारी है। मैं खुद फोन करके उनसे बात कर लूंगा, मामला ऑल इज वेल हो जाएगा!"
अब देखना दिलचस्प होगा कि जब सीएम साहब खुद अपने 'यारों' से बात करेंगे, तो क्या अगली बार कुंजापुरी मेले में सिर्फ शुद्ध 'लाइव' सुर गूंजेंगे या फिर मंत्री जी को इस बार खुद मंच पर पेनड्राइव की चेकिंग करनी पड़ेगी