बरेली सनराइज अस्पताल में मरीज की मौत पर बवाल: परिजनों ने जांच समिति की रिपोर्ट को नकारा, CCTV और एंबुलेंस चालक के बयान से दोबारा जांच की मांग
बरेली के सनराइज अस्पताल में टीटू वाल्मीकि की संदिग्ध मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच समिति ने शिकायत को निराधार बताया है। वहीं, मृतक के भाई रजनीश वाल्मीकि ने CCTV फुटेज और एंबुलेंस चालक से पूछताछ न किए जाने पर सवाल उठाते हुए डीएम से स्वतंत्र पुनर्जांच की मांग की है।
बरेली सनराइज अस्पताल में मरीज की मौत का मामला: जांच रिपोर्ट 'निराधार', परिजनों ने CCTV छुपाने का आरोप लगा मांगी दोबारा जांच
जनवार्ता लाइव
बरेली:
बरेली के सनराइज अस्पताल में इलाज के दौरान हुई टीटू वाल्मीकि नामक व्यक्ति की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। एक तरफ स्वास्थ्य विभाग की दो सदस्यीय मेडिकल बोर्ड जांच समिति ने परिजनों की शिकायत को निराधार करार दिया है, तो दूसरी तरफ मृतक के भाई रजनीश वाल्मीकि ने जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए जिलाधिकारी से निष्पक्ष और स्वतंत्र पुनर्जांच की गुहार लगाई है।
जांच समिति का निष्कर्ष: गंभीर बीमारी से हुई मौत, अस्पताल में नहीं हुआ इलाज
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) बरेली द्वारा गठित दो सदस्यीय जांच समिति (डॉ. लईक अहमद अंसारी और डॉ. आर.के. गुप्ता) ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि मरीज टीटू वाल्मीकि पहले से ही 'Infective Endocarditis' और 'Abdominal Aortic Aneurysm' जैसी गंभीर व जानलेवा बीमारियों से पीड़ित था।
रिपोर्ट के अनुसार, मरीज को दीपमाला अस्पताल से हायर सेंटर (CTVS) के लिए रेफर किया गया था। परिजन उसे सनराइज अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टर रेहान अहमद ने मरीज की स्थिति देखकर उसे बिना कोई शुल्क लिए तुरंत मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी थी। जांच समिति ने निष्कर्ष निकाला कि मरीज की मृत्यु बीमारी के कारण हुई है और परिजनों ने रेफरल निर्देशों का पालन नहीं किया, इसलिए शिकायत निराधार है।
परिजनों का आरोप: "CCTV जांचे बिना और एंबुलेंस चालक से पूछे बिना दी गई रिपोर्ट"
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट से असंतुष्ट होकर मृतक के भाई रजनीश वाल्मीकि (निवासी ग्राम खुली ताहरपुर, भमौरा) ने जिलाधिकारी (DM) बरेली को पत्र सौंपा है।
रजनीश का आरोप है कि:
CCTV/DVR की जांच नहीं हुई: घटना के दिन (28 नवंबर 2025) अस्पताल के CCTV में पूरी सच्चाई कैद थी, लेकिन जांच समिति ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों (DVR) का तकनीकी परीक्षण किए बिना ही अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों के बयानों को आधार बना लिया।
एंबुलेंस चालक से पूछताछ नहीं की गई: आरोप है कि एंबुलेंस चालक इरफान परिजनों के मना करने के बावजूद जबरदस्ती मरीज को सनराइज अस्पताल ले गया था। जांच समिति ने इस प्रमुख गवाह का बयान दर्ज नहीं किया।
गलत इलाज का दावा: रजनीश वाल्मीकि का कहना है कि अस्पताल में इंटà¤