बरेली में फर्जी दस्तावेजों से 20 लाख तक का लोन हड़पने वाले शातिर गिरोह का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार; 75 एटीएम व चेकबुक बरामद
बरेली की भोजीपुरा पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंकों से लाखों का लोन ठगने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। चार शातिर आरोपी गिरफ्तार, भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और 3.50 लाख रुपये कैश बरामद।
जनवार्ता लाइव
बरेली।
सरकारी योजनाओं का झांसा देकर और फर्जी दस्तावेजों के सहारे बैंकों को लाखों-करोड़ों का चूना लगाने वाले एक बेहद शातिर गिरोह का बरेली पुलिस ने सनसनीखेज पर्दाफाश किया है। भोजीपुरा थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम के संयुक्त ऑपरेशन में गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को धर दबोचा गया। इनके पास से पुलिस ने 3.50 लाख रुपये नकद, 75 एटीएम कार्ड, 28 चेकबुक, 7 पासबुक और भारी मात्रा में फर्जी पहचान पत्र, आधार व पैन कार्ड बरामद किए हैं।
आधी रात को मॉडर्न विलेज में दबिश, 4 दबोचे गए एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्र ने बताया कि एसएसपी बरेली के निर्देश पर अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी। देर रात करीब 1:27 बजे संयुक्त टीम ने मॉडर्न विलेज स्थित एक मकान पर छापेमारी की। मौके से राम नयन गुप्ता उर्फ कृष्ण कन्हैया, राकेश गुप्ता, अनिल गुप्ता और ऋषभ कुमार सक्सेना को गिरफ्तार किया गया, जबकि इनका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहा।
फर्जी 'सरकारी कर्मचारी' बनाकर ऐसे होता था खेल पूछताछ में गिरोह के चौकाने वाले मोड्स ऑपरेंडी का खुलासा हुआ:
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एड्रेस व सिम बदलना: गिरोह आम लोगों के आधार कार्ड पर नया सिम जारी करवाकर उनका पता बदलवा देता था।
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फर्जी सैलरी अकाउंट: अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाकर फर्जी फॉर्म-16, फर्जी सैलरी स्लिप और पहचान पत्र तैयार किए जाते थे।
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सिबिल सुधारने का खेल: दो-तीन महीने तक खातों में वेतन के नाम पर पैसे जमा कर उन्हें सरकारी कर्मचारी दिखाया जाता था, जिससे उनका सिबिल स्कोर बेहतरीन हो जाता था।
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लाखों का लोन मंजूर: इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक समेत अन्य बैंकों से 15 से 20 लाख रुपये तक का लोन आसानी से मंजूर करा लिया जाता था।
'प्रधानमंत्री योजना' के नाम पर झांसा, लाखों हड़पे मासूम ग्रामीणों और लाभार्थियों को यह कहकर झांसा दिया जाता था कि उनका लोन 'प्रधानमंत्री योजना' के तहत स्वीकृत हुआ है और इसे चुकाना नहीं पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर, लखीमपुर खीरी निवासी एक व्यक्ति के नाम पर गिरोह ने 20 लाख रुपये का लोन पास कराया, लेकिन पीड़ित को केवल 71 हजार रुपये थमाए और बाकी के करीब 19.29 लाख रुपये खुद आपस में बांट लिए।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई पुलिस ने आरोपियों के पास से 12 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, केनरा बैंक की फर्जी मुहर, सैलरी स्लिप्स, कई एटीएम और चेकबुक बरामद किए हैं। भोजीपुरा थाने में सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, वहीं फरार आरोपी की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।