बरेली: बाबा महेश नाथ प्राचीन शिव मंदिर की भूमि के कथित अवैध बैनामे पर गरमाई सियासत, अंतरराष्ट्रीय हिंदू सेना ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

बरेली की नवाबगंज तहसील क्षेत्र स्थित प्राचीन बाबा महेश नाथ शिव मंदिर की भूमि का बैनामा दूसरे समुदाय के व्यक्ति के पक्ष में करने पर ग्रामीणों और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है। अंतरराष्ट्रीय हिंदू सेना ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और बैनामा निरस्त करने की मांग की है।

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बरेली:

जनपद बरेली के नवाबगंज तहसील क्षेत्र में स्थित प्राचीन एवं आस्था के केंद्र 'श्री बाबा महेश नाथ प्राचीन शिव मंदिर' की भूमि के कथित अवैध बैनामे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंदिर की जमीन दूसरे समुदाय के व्यक्ति के पक्ष में बैनामा किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों और हिंदू संगठनों में भारी रोष व्याप्त है।  

इस गंभीर मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय हिंदू सेना (उत्तर प्रदेश) के जिलाध्यक्ष अजय पटेल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी महोदय को ज्ञापन सौंपा है।  

महंत पर लगा गंभीर आरोप

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि मंदिर के महंत द्वारा प्राचीन शिव मंदिर की बहुमूल्य भूमि का बैनामा दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति के पक्ष में कर दिया गया है। संगठन का कहना है कि यह मामला सीधे तौर पर श्रद्धालुओं की आस्था, धार्मिक विरासत और सार्वजनिक हित से जुड़ा हुआ है। यदि मंदिर की भूमि का यह हस्तांतरण नियमों और कानूनों के विरुद्ध किया गया है, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है।  

प्रशासन से की गई ये प्रमुख मांगें:

अंतरराष्ट्रीय हिंदू सेना ने जिला प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित 5 सूत्रीय मांगें रखी हैं:  

उच्चस्तरीय जांच: बाबा महेश नाथ प्राचीन शिव मंदिर की संपूर्ण भूमि के राजस्व अभिलेखों, स्वामित्व एवं बैनामे की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।  

बैनामा निरस्तीकरण: यदि जांच में बैनामा नियम विरुद्ध या अवैध पाया जाता है, तो उसे नियमानुसार निरस्त कराने की कानूनी कार्रवाई की जाए।  

निर्माण पर रोक: जांच पूरी होने तक भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे, निर्माण अथवा आगे के हस्तांतरण को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।  

मंदिर के नाम दर्ज हो भूमि: मंदिर की भूमि को सुरक्षित रखते हुए, विधिक प्रक्रिया के अनुसार इसे पुन: मंदिर के नाम दर्ज किया जाए।  

दोषियों पर कार्रवाई: इस पूरे प्रकरण में यदि किसी व्यक्ति या अधिकारी की मिलीभगत सामने आती है, तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।  

संगठन ने जिला प्रशासन से उम्मीद जताई है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द उचित कदम उठाए जाएंगे, ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे और मंदिर की भूमि को सुरक्षित किया जा सके।