पत्रकारिता के नाम पर ब्लैकमेलिंग का खेल! बरेली में रंगदारी वसूलने वाले 5 कथित यूट्यूबरों पर कड़ा एक्शन, पुलिस का शिकंजा मजबूत

बरेली में पत्रकारिता और यूट्यूब के नाम पर अवैध वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश। एडीएम प्रशासन के स्टेनो से वसूली के मामले में अमल सैनी, पवन त्रिपाठी, अवधेश कुमार, मनोज गौतम और संतोष शाक्य समेत अन्य पर दूसरा केस दर्ज। एसएसपी की कड़ी कार्रवाई।

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जनवार्ता लाइव

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बरेली।

पत्रकारिता के नाम पर जनहित का दावा करने वाले कुछ कथित यूट्यूबरों का काला सच अब सामने आ चुका है। आम लोगों से लेकर सरकारी दफ्तरों के कर्मचारियों तक को डरा-धमकाकर धन उगाही करने वाले एक संगठित गिरोह पर बरेली पुलिस ने कड़ा शिकंजा कसा है।  

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  अनुराग आर्य के कड़े निर्देशों के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गिरोह से जुड़े 5 प्रमुख यूट्यूबरों—पवन त्रिपाठी, अमल सैनी, अवधेश कुमार, मनोज गौतम और संतोष शाक्य—तथा कुछ अज्ञात साथियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी  दर्ज की है।  

कलेक्ट्रेट के बाबू को भी नहीं छोड़ा, वीडियो बनाकर ऐंठे रुपये

अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, कथित यूट्यूबरों की गिरफ्तारी के बाद अब पीड़ित बेझिझक सामने आ रहे हैं। हालिया मामला एडीएम प्रशासन कार्यालय से सामने आया है। स्टेनो संजीव कश्यप की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दूसरा मामला दर्ज किया है।  

शिकायत के मुताबिक, 22 सितंबर को आरोपी अमल सैनी अपने अन्य साथियों (अवधेश, मनोज, पवन और संतोष) के साथ कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय पहुंचे थे। खुद को पत्रकार और यूट्यूबर बताते हुए उन्होंने एक हैसियत प्रमाणपत्र के निर्गमन से जुड़ी जानकारी मांगी और कार्यालय के कर्मचारी का चुपके से वीडियो बना लिया।  

धमकी, सोशल मीडिया पर वीडियो और दोबारा वसूली

वीडियो बनाने के बाद आरोपियों ने पीड़ित से 15 हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर वीडियो को सोशल मीडिया (फेसबुक) पर वायरल कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। अगले दिन आरोपियों ने पीड़ित को दोबारा धमकाया और गंभीर मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। डर के मारे पीड़ित ने अपने सहकर्मी की मौजूदगी में आरोपियों को 10 हजार रुपये दिए, जिसके बाद उन्होंने फेसबुक से वीडियो हटाया।  

महिला को आत्मदाह के लिए उकसाने के मामले में भी जेल

कोतवाली पुलिस के अनुसार, इस गैंग का सरगना अमल सैनी एक अन्य गंभीर मामले में भी शामिल था। सीबीगंज क्षेत्र के गोविंदपुर निवासी अब्दुल कयूम के बेटे और बहू के पारिवारिक विवाद को सुलझाने के नाम पर अमल ने अधिकारियों से साठगांठ का झांसा देकर 6 हजार रुपये ऐंठे थे। हद तो तब हो गई जब आरोपियों के उकसावे पर ही महिला ने एसएसपी कार्यालय के बाहर खुद पर तेल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया था। पुलिस ने अमल सैनी और अब्दुल को गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।  

गैंगस्टर एक्ट के तहत हो सकती है बड़ी कार्रवाई

कोतवाली इंस्पेक्टर राजीव कुमार के मुताबिक, गिà