बरेली के द ज्ञानाय स्कूल में RTE छात्रों के साथ प्रताड़ना: प्रिंसिपल-डायरेक्टर पर मानसिक शोषण, मारपीट और धमकाने का गंभीर आरोप, पुलिस में शिकायत दर्ज
उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित प्रेम नगर थाना क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित स्कूल पर RTE (शिक्षा का अधिकार) के तहत पढ़ने वाले बच्चों के साथ भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न और मारपीट करने के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित अभिभावक विशाल कोहली और जूही कोहली ने स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. रिनी चरण और डायरेक्टर आदित्य अग्रवाल पर बच्चों को स्कूल से निकालने का दबाव बनाने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
जनवार्ता लाइव
बरेली।
शिक्षा के मंदिरों को अब कुछ तथाकथित शिक्षा माफियाओं ने लूट और प्रताड़ना का अड्डा बना रखा है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद के प्रेम नगर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ एक निजी स्कूल की मनमानी और तानाशाही का काला चेहरा बेनकाब हुआ है। यहाँ RTE (Right to Education) को धत्ता बताते हुए गरीब बच्चों के हक पर डाका तो डाला ही जा रहा है, साथ ही उनके कोमल मन पर जुल्म के ऐसे गहरे घाव दिए जा रहे हैं जो किसी भी इंसान को झकझोर कर रख दें।
RTE के तहत दाखिला लेना गुनाह?
पीड़ित अभिभावक विशाल कोहली और उनकी पत्नी जूही कोहली (निवासी - एकता नगर, बरेली) ने पुलिस और बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को दिए गए शिकायती प्रार्थना पत्रों में आरोप लगाया है कि उनके दोनों बच्चे (धैर्य कोहली और शौर्य कोहली) स्कूल में क्रमशः कक्षा III और IV में RTE कोटे के तहत अध्ययनरत हैं। आरोप है कि इसी कोटे का दाखिला होने की टीस स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. रिनी चरण और डायरेक्टर आदित्य अग्रवाल के मन में इस कदर भरी हुई है कि वे पिछले दो वर्षों से लगातार बच्चों का मानसिक और शारीरिक शोषण कर रहे हैं।
बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बाहर रखना, उनके पुरस्कारों को असेंबली में न दिखाना, क्लास में मॉनिटर या वाइस कैप्टन न बनने देना और मामूली बातों पर घंटों धूप में खड़ा करना इस तथाकथित 'अनुशासित' स्कूल की रोजमर्रा की कार्यशैली बन चुकी है। हद तो तब हो गई जब स्कूल प्रबंधन ने बच्चों का मानसिकबल तोड़ने के लिए अन्य छात्रों से उन्हें प्रताड़ित तक करवाया।
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