बरेली में कृषि विभाग का बड़ा 'बीज घोटाला'! बिना खेती के ही बांट दिया 700 कुंतल घटिया मूंगफली बीज, अफसरों पर सरकार की छवि बिगाड़ने का आरोप

बरेली में मूंगफली का खेल! एडीए राजेश द्विवेदी और जेडीए दुर्विजय सिंह पर फर्जीवाड़े और 700 कुंतल घटिया मूंगफली बीज बांटने का गंभीर आरोप। जानिए कैसे बिना जमीन के कागजों में उगा दी गई मूंगफली की फसल।

बरेली में कृषि विभाग का बड़ा 'बीज घोटाला'! बिना खेती के ही बांट दिया 700 कुंतल घटिया मूंगफली बीज, अफसरों पर सरकार की छवि बिगाड़ने का आरोप
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कागजों में उगी फसल, खेतों में 'जीरो'! बरेली में 700 कुंतल मूंगफली बीज के नाम पर बड़ा 'खेल', कठघरे में कृषि विभाग के बड़े अफसर

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बरेली।

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में कृषि विभाग के बड़े अधिकारियों की साठगांठ से एक बहुत बड़े बीज घोटाले (Seed Scam) की आहट से महकमे में हड़कंप मच गया है। जहाँ एक तरफ केंद्र और राज्य सरकार खसरा पड़ताल के जरिए फसलों का सटीक आंकड़ा जुटाने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ अधिकारियों ने बिना जमीनी हकीकत जाने जिले में 700 कुंतल मूंगफली का बीज खपाने का बड़ा कांड कर डाला है।  

सूत्रों का दावा है कि इस पूरे फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड एडीए (ADA) राजेश द्विवेदी और संयुक्त कृषि निदेशक (JDA) दुर्विजय सिंह हैं।  

फाइल में मूंगफली, खेत में सन्नाटा!

सरकारी आंकड़ों और जमीनी हकीकत के मुताबिक, बरेली के रामनगर, फरीदपुर और आंवला ब्लॉक के कुछ ही हिस्सों में किसान आंशिक रूप से मूंगफली बोते हैं। बाकी 12-15 ब्लॉकों में मूंगफली की खेती सिर्फ सरकारी फाइलों में ही दिखती है।  

इसके बावजूद, पूरी जानकारी होते हुए भी जिले के सभी 15 ब्लॉकों में जबरन 47-47 कुंतल घटिया बीज भेज दिया गया। सवाल यह उठ रहा है कि जब खेत में मूंगफली बोई ही नहीं जाती, तो इतना बड़ा बीज का कोटा किसके इशारे पर और क्यों पास किया गया?  

गल्ला मंडी का माल बोरी में पैक?

सूत्रों का कहना है कि एचआईएल (HIL) कंपनी के नाम पर जो बीज भेजा गया है, उसकी गुणवत्ता इतनी खराब है कि वह खेतों में जमने लायक ही नहीं है। दाना इतना छोटा है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो गल्ला मंडी से सस्ती मूंगफली खरीदकर बोरियों में पैक कर किसानों को "निशुल्क वितरण" के नाम पर थमा दिया गया है।

  

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