टेक गुरुओं की किस्मत बदलने वाले संत: जानें स्टीव जॉब्स और जुकरबर्ग का कैंची धाम कनेक्शन
जब एप्पल के स्टीव जॉब्स और फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग का करियर डूबने की कगार पर था, तब कैंची धाम के बाबा नीम करौली महाराज ने बदली उनकी किस्मत
जनवार्ता लाइव
नैनीताल : आज का युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया को ये तकनीक देने वाले सबसे बड़े 'टेक गॉड्स' भी उत्तराखंड की वादियों में एक साधारण कंबल ओढ़ने वाले संत के आगे नतमस्तक थे? हम बात कर रहे हैं कैंची धाम के बाबा नीम करौली महाराज की, जिन्हें भक्त साक्षात हनुमान जी का अवतार मानते हैं। आज भी सोशल मीडिया पर बाबा की तस्वीरें और रील्स युवाओं के बीच मानसिक शांति का सबसे बड़ा जरिया बनी हुई हैं। लेकिन डिजिटल दुनिया के दिग्गजों के साथ बाबा का कनेक्शन बेहद दिलचस्प है।
डूबते करियर को मिला सहारा
यह बात साल 1974 की है। एप्पल की शुरुआत से पहले स्टीव जॉब्स बेहद कठिन दौर से गुजर रहे थे। आंतरिक शांति की तलाश में वे भारत आए और कैंची धाम पहुंचे। बाबा की ऊर्जा ने उनके भीतर ऐसा बदलाव किया कि उन्होंने लौटकर 'एप्पल' जैसी क्रांतिकारी कंपनी खड़ी कर दी। इसी तरह साल 2015 में मार्क जुकरबर्ग ने खुद खुलासा किया था कि जब फेसबुक घाटे में था, तब स्टीव जॉब्स की सलाह पर वे कैंची धाम आए थे। यहाँ बाबा के आश्रम में वक्त बिताने के बाद फेसबुक की किस्मत पूरी तरह बदल गई।
नदी का पानी बन गया 'शुद्ध घी'
उत्तराखंड की वादियों में बाबा के चमत्कारों की कई कहानियां मशहूर हैं। ऐसा ही एक किस्सा कैंची धाम के भंडारे का है, जब अचानक देसी घी कम पड़ गया था। बाबा के आदेश पर सेवादारों ने पास की नदी से दो कनस्तर पानी लाकर कड़ाही में डाला, जो कड़ाही में गिरते ही तुरंत शुद्ध देसी घी में बदल गया। विराट कोहली से लेकर हॉलीवुड स्टार जूलिया रॉबर्ट्स तक बाबा के मुरीद हैं। आज के तनावभरे दौर में बाबा का केवल एक ही मंत्र प्रासंगिक है "सबको प्यार करो, सबका भला करो और सबको भोजन कराओ।"
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https://youtu.be/A2cO4goZHJ8