कागज़ों में स्टाफ पूरा, ज़मीन पर अंधेरा ही अंधेरा: सुभाषनगर पावर हाउस की लापरवाही से लोग बेहाल
बरेली के सुभाषनगर पावर हाउस क्षेत्र में तिरुपति धाम, ग्रीन वैली और मारुति विहार के लोग लगातार बिजली संकट से परेशान। स्टाफ की कमी और फोन न उठाने के आरोप।
तिरुपति धाम, ग्रीन वैली और मारुति विहार में लगातार बिजली संकट, फोन नहीं उठाने और स्टाफ की कमी का आरोप
बरेली। सुभाषनगर पावर हाउस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। तिरुपति धाम, ग्रीन वैली और मारुति विहार कॉलोनियों के लोग लगातार बिजली संकट से जूझ रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच बार-बार बिजली कटौती और लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत के लिए पावर हाउस के अधिकारियों को फोन किया जाता है, लेकिन अधिकांश समय फोन तक नहीं उठाया जाता। वहीं मौके पर मौजूद कर्मचारियों का कहना है कि उनके पास पर्याप्त स्टाफ नहीं है, इसलिए समय पर फॉल्ट ठीक करना संभव नहीं हो पाता।
हैरानी की बात यह है कि एक ओर जमीनी स्तर पर कर्मचारी स्टाफ की कमी का हवाला दे रहे हैं, जबकि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी दावा कर रहे हैं कि सभी सब-डिवीजनों में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि यदि स्टाफ पूरा है तो फिर बिजली आपूर्ति बहाल करने में घंटों की देरी क्यों हो रही है और आम जनता को परेशानियों का सामना क्यों करना पड़ रहा है?
भीषण गर्मी में बिजली संकट से लोग रातभर जागने को मजबूर हैं। पेयजल आपूर्ति से लेकर बच्चों और बुजुर्गों तक सभी प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग के दावे सिर्फ फाइलों तक सीमित हैं, जबकि हकीकत में व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।
जनता का सवाल:
जब अधिकारियों के दावों में स्टाफ पूरा है, तो आखिर बिजली व्यवस्था बार-बार क्यों ध्वस्त हो रही है? क्या जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कागज़ी दावों के भरोसे व्यवस्था चला रहे हैं या फिर जनता की समस्याओं का कोई स्थायी समाधान भी होगा?
रिपोर्ट: रविंदर सिंह